FD Scheme vs Savings Account: क्या आप भी अपनी बचत को सुरक्षित और फायदेमंद तरीके से निवेश करना चाहते हैं? अगर हां, तो आपके लिए पोस्ट ऑफिस की FD स्कीम और सेविंग्स अकाउंट के बीच चुनाव करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इस आर्टिकल में हम आपको इन दोनों योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी देंगे, ताकि आप सही फ़ैसला ले सकें। यहां आपको मिलेगा कमाल का रिटर्न, सुरक्षा और आसान निवेश के ऑप्शन्स के बारे में सीधा विश्लेषण।
इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने के बाद आप समझ पाएंगे कि कौन सी योजना आपके लिए बेहतर है। हमने इसमें हर छोटी-बड़ी जानकारी को शामिल किया है, जिससे आपको किसी और स्रोत से जानकारी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। तो चलिए, शुरू करते हैं और जानते हैं कि पोस्ट ऑफिस FD स्कीम और सेविंग्स अकाउंट में क्या अंतर है और किसमें निवेश करना आपके लिए फायदेमंद होगा।
पोस्ट ऑफिस FD स्कीम बनाम सेविंग्स अकाउंट: कौन सा है बेहतर?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पोस्ट ऑफिस FD स्कीम और सेविंग्स अकाउंट दोनों ही सुरक्षित निवेश के ऑप्शन हैं, लेकिन इनमें कुछ अहम अंतर हैं जिन्हें समझना जरूरी है। आइए, इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
पोस्ट ऑफिस FD स्कीम क्या है?
पोस्ट ऑफिस FD स्कीम एक तरह का फिक्स्ड डिपॉजिट है जिसमें आप एक निश्चित समय के लिए पैसा जमा करते हैं और बदले में आपको एक तय ब्याज दर मिलती है। यह योजना भारत सरकार द्वारा चलाई जाती है, इसलिए इसमें निवेश करना पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है।
- ब्याज दर: वर्तमान में पोस्ट ऑफिस FD पर ब्याज दर 6.8% से 7.5% तक है, जो समय अवधि पर निर्भर करता है।
- निवेश की अवधि: 1 साल से लेकर 5 साल तक के लिए निवेश किया जा सकता है।
- कर लाभ: 5 साल की FD पर टैक्स सेविंग के फायदे भी मिलते हैं।
सेविंग्स अकाउंट क्या है?
सेविंग्स अकाउंट बैंकों द्वारा प्रोवाइड किया जाने वाला एक बेसिक अकाउंट है जिसमें आप अपने पैसे को सुरक्षित रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर निकाल सकते हैं। इस पर मिलने वाला ब्याज आमतौर पर कम होता है, लेकिन यह लिक्विडिटी प्रोवाइड करता है।
- ब्याज दर: सेविंग्स अकाउंट पर ब्याज दर आमतौर पर 3% से 4% के बीच होती है।
- पैसे निकालने की सुविधा: आप कभी भी पैसे निकाल सकते हैं, कोई लॉक-इन पीरियड नहीं होता।
- न्यूनतम बैलेंस: कुछ बैंकों में न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है।
FD स्कीम और सेविंग्स अकाउंट में क्या अंतर है?
आपको बता दें कि इन दोनों योजनाओं में कुछ बड़े अंतर हैं जिन्हें समझना जरूरी है:
- ब्याज दर: FD स्कीम में ब्याज दर सेविंग्स अकाउंट से काफी ज्यादा होती है।
- लिक्विडिटी: सेविंग्स अकाउंट में पैसे कभी भी निकाले जा सकते हैं, जबकि FD में लॉक-इन पीरियड होता है।
- सुरक्षा: दोनों ही सुरक्षित हैं, लेकिन FD सरकारी गारंटी के साथ आती है।
किसमें निवेश करना बेहतर है?
अगर आप ज्यादा रिटर्न चाहते हैं और आपका पैसा कुछ समय के लिए लॉक रह सकता है, तो पोस्ट ऑफिस FD स्कीम आपके लिए बेहतर ऑप्शन है। वहीं, अगर आपको रोजमर्रा की ज़िंदगी में पैसों की जरूरत पड़ती है, तो सेविंग्स अकाउंट बेहतर रहेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छोटे वर्ग के लोगों के लिए FD स्कीम ज्यादा फायदेमंद हो सकती है क्योंकि इसमें ब्याज दर अच्छी मिलती है और पैसे की सुरक्षा भी पूरी होती है।
कितना मिलेगा रिटर्न?
मान लीजिए आपने पोस्ट ऑफिस FD स्कीम में 5 साल के लिए ₹1 लाख का निवेश किया है, तो 7.5% की दर से आपको मैच्योरिटी पर ₹1,43,562 मिलेंगे। वहीं, अगर यही पैसा सेविंग्स अकाउंट में रखा जाए तो 4% की दर से 5 साल बाद ₹1,21,665 ही मिलेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो FD स्कीम आपके लिए बेहतर विकल्प है।
निष्कर्ष
दोनों योजनाओं के अपने फायदे और नुकसान हैं। अगर आप सुरक्षित और हाई रिटर्न चाहते हैं तो FD स्कीम चुनें, वहीं अगर आपको पैसों की जरूरत कभी भी पड़ सकती है तो सेविंग्स अकाउंट बेहतर है। आप अपनी जरूरत के हिसाब से सही फ़ैसला ले सकते हैं।